नेशनल डेस्क नितिन : हरियाणा के करनाल जिले से कथित हेरा फेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां स्थित मुनक स्थित आर्यकुलम् इंटरनेशनल स्कूल में करीब 1.75 करोड़ रुपए की फीस में कथित गबन, धोखाधड़ी और रसीदों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर मुनक थाना पुलिस ने अकाउंटेंट दिनेश, उसकी पत्नी साक्षी और भाई रविन्द्र के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जांच के अनुसार दिनेश फरवरी 2022 से अगस्त 2026 तक स्कूल में फीस वसूलने, रसीद काटने और रिकॉर्ड संभालने की जिम्मेदारी पर था। इस मामले का खुलासा एक अभिभावक की शिकायत के बाद हुआ।
इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने फीस रिकॉर्ड की जांच कराई और सीए फर्म से विशेष ऑडिट कराया। अंतरिम ऑडिट में करीब 1.75 करोड़ रुपए की हेराफेरी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब बैंक खातों, फीस रिकॉर्ड, रसीदों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
स्कूल के जनरल सेक्रेटरी कुलदीप ने पुलिस को 25 सितंबर को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि बीती 20 अगस्त को एक अभिभावक स्कूल आया था। उसने बताया कि उसने अपने दो बच्चों की 11,900 रुपए फीस 11 अगस्त 2026 को अकाउंटेंट दिनेश के बैंक खाते में जमा कराई थी, लेकिन उसे फीस की रसीद नहीं मिली।
फर्जी रसीदों से होता था पैसा डाइवर्ट
स्कूल के सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड की जांच की गई तो दोनों बच्चों की 5,600 और 6,300 रुपए की रसीदें मिलीं। हालांकि, दोनों रसीदें 29 जुलाई 2026 की पिछली तारीख में काटी गई थीं। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि आरोपी दिनेश पिछले चार सालों से फर्जी रसीदें बनाकर और पुराने रसीद नंबरों का इस्तेमाल कर अभिभावकों से मिलने वाले पैसों को अपने निजी बैंक खातों (SBI व HDFC) में डाइवर्ट कर रहा था।
हालांकि, पुलिस जांच में सीए की अंतरिम ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर 1.75 करोड़ रुपए के गबन की राशि सामने आने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अंतिम ऑडिट के बाद गबन की रकम की पूरी डिटेल स्पष्ट होगी।
आरोपी ने पत्नी और भाई के खातों में भेजे पैसे
शिकायत में आरोप है कि दिनेश ने कथित गबन की रकम अपनी पत्नी साक्षी और भाई रविन्द्र के खातों में भेजी। इसी अवधि में दोनों भाइयों द्वारा अलग-अलग मकान बनाए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है। स्कूल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन मकानों के निर्माण में लगी रकम को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
एएसआई धर्मेन्द्र ने बीती 28 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट थाना मुनक के एसएचओ इंस्पेक्टर शीशपाल सिंह को दी। रिपोर्ट में दिनेश, साक्षी और रविन्द्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(4), 318(4), 335, 336(3), 338, 340(2) और 61 के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच की आवश्यकता बताई गई।







