माटीकला महोत्सव-2026 का शुभारंभ

By ENN
On: October 28, 2026 10:52 PM
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की समृद्ध माटीकला परंपरा को नया आयाम देने और इससे जुड़े कारीगरों को रोजगार एवं उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को खादी भवन में माटीकला महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया गया। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर महोत्सव का शुभारंभ किया और इस बार पिछली बिक्री का रिकॉर्ड टूटने की संभावना भी जताई। महोत्सव के अवसर पर पांच कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक, दो कारीगरों को पगमिल मशीन तथा मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के एक लाभार्थी को बैंक ऋण का चेक वितरित किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। माटीकला महोत्सव इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करता है।

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मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मिट्टी के दीये, खिलौने, मूर्तियां, बर्तन और अन्य कलात्मक उत्पाद भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। बदलती जीवनशैली के बीच इन उत्पादों को फिर से लोकप्रिय बनाने और इनसे जुड़े कारीगरों की आजीविका मजबूत करने की दिशा में सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। माटीकला क्षेत्र को संगठित रूप से प्रोत्साहित करने के लिए 19 जुलाई, 2018 को उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन किया गया था। बोर्ड के माध्यम से अब तक प्रदेश में 48,048 कारीगर परिवारों को चिन्हित किया जा चुका है। कारीगरों को कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 39,468 माटीकला कारीगरों को मिट्टी निकासी के पट्टे भी आवंटित किए गए हैं।

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कारीगरों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में अब तक 18,432 विद्युत चालित चाक वितरित किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,740 अतिरिक्त विद्युत चालित चाक वितरित करने का लक्ष्य है। इसी प्रकार मिट्टी गूथने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 675 पगमिल मशीनें वितरित की गई हैं, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 300 और मशीनें वितरित करने की योजना है।

इसके अतिरिक्त मूर्तियों के निर्माण के लिए 603 जोड़ी पीओपी डाई, पेंटिंग के लिए 31 मशीनें और दीये बनाने के लिए 81 मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। आधुनिक उपकरणों से उत्पादन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने और कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने में मदद मिल सकती है।

योगी सरकार की मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पिछले सात वर्षों में 1,333 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत कराकर माटीकला इकाइयां स्थापित कराई गई हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मार्च 2027 तक 300 अतिरिक्त इकाइयां स्थापित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कारीगरों के कौशल विकास के लिए भी व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए हैं। पिछले सात वर्षों में 18,432 लाभार्थियों को आधुनिक उपकरण संचालन का तकनीकी प्रशिक्षण, 1,333 लाभार्थियों को उद्यम संचालन का प्रशिक्षण और 7,836 लाभार्थियों को शिल्पकारी का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के 10 जनपदों – पीलीभीत, रामपुर, कन्नौज, अमरोहा, बाराबंकी, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमेठी, बरेली और जालौन में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए गए हैं।

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मिट्टी के बर्तनों और पारंपरिक उत्पादों का उपयोग भारतीय जीवनशैली का पुराना हिस्सा रहा है। कुल्हड़, घड़ा, सुराही और मिट्टी के दीये जैसे उत्पाद आज भी अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए हैं। मिट्टी के उत्पादों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय कारीगरों की मांग बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं। माटीकला महोत्सव जैसे आयोजन कारीगरों और ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क बढ़ाने, उत्पादों को पहचान दिलाने तथा पारंपरिक शिल्प के प्रति नई पीढ़ी का आकर्षण बढ़ाने में सहायक हैं। सरकार की पहल का उद्देश्य माटीकला को केवल परंपरा तक सीमित न रखते हुए इसे रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों का मजबूत माध्यम बनाना है।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि माटीकला महोत्सव के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलता है। पिछले वर्ष महोत्सव में पांच करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई थी। इस वर्ष भी कारीगरों के उत्साह और मिट्टी के उत्पादों के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए बिक्री का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

माटीकला महोत्सव-2026 के शुभारंभ अवसर पर विद्युत चालित चाक के लिए लखनऊ के शिवा प्रजापति, राम खेलावन, नन्हा, अजय और गायत्री को लाभार्थी के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं, पगमिल मशीन के लिए लखनऊ के रमेश कुमार और दिलीप कुमार को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत लखनऊ की मुंशीगंज, डालीगंज निवासी श्रेया को ₹2 लाख के ऋण का चेक प्रदान किया गया।

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