दिल्ली में 1 नवंबर से इन गाड़ियों की नो एंट्री, 10 लाख से ज्यादा वाहन होंगे प्रभावित, जानें नए नियम

On: October 26, 2026 4:16 PM
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नेशनल नितिन : दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक BS6 मानकों से नीचे वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी। परिवहन विभाग का अनुमान है कि इस नियम से पड़ोसी NCR शहरों-गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद-के लगभग 10 लाख से अधिक वाहन प्रभावित होंगे।

किस शहर में कितने वाहन प्रभावित?

गुड़गांव और फरीदाबाद:
हरियाणा के इन दोनों जिलों में लगभग 2 लाख ऐसे वाहन हैं जो BS6 मानकों को पूरा नहीं करते। इनमें से करीब 70% वाहन BS3 और BS4 श्रेणी के हैं। इसके अलावा, इन जिलों में लगभग 50,000 ऐसे कमर्शियल वाहन भी हैं जो BS6 मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध नगर जिले में 4 लाख से अधिक वाहन BS6 श्रेणी से नीचे आते हैं। इनमें से आधे से ज़्यादा BS4 गाड़ियां हैं, जिनमें मुख्य रूप से पेट्रोल कारें शामिल हैं।

गाजियाबाद: परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गाजियाबाद में भी लगभग 4 लाख वाहन ऐसे हैं जो नए उत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरते।

दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड और BS6 उत्सर्जन मानकों से नीचे आने वाले वाहनों पर यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। यह शहर की सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने की योजना का हिस्सा है। इस कदम से उन वाहन मालिकों पर असर पड़ सकता है जो नियमित रूप से NCR के पड़ोसी शहरों से दिल्ली आते-जाते हैं। 

किन वाहनों को मिलेगी छूट?

यह नियम दिल्ली के बाहर पंजीकृत (Non-Delhi Registered) गैर-BS6 वाहनों पर लागू होगा। दैनिक रूप से NCR से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक (EV) और CNG वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है।

क्या हैं BS6 मानक?

भारत स्टेज’ (Bharat Stage) नियम देश में वाहनों के इंजन से निकलने वाले धुएं और हानिकारक गैसों की कानूनी सीमा तय करते हैं। BS6 भारत का सबसे नया और सबसे सख्त उत्सर्जन ढांचा है। भारत ने वर्ष 2000 में ‘इंडिया 2000’ (जो यूरो 1 के समान था) से अपनी शुरुआत की थी, जिसके बाद BS2, BS3 और BS4 से होते हुए देश BS6 मानकों तक पहुंचा है। इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए, अधिकारी दिल्ली में प्रवेश के रास्तों पर जांच व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि बॉर्डर चेकपॉइंट्स और प्रमुख रास्तों पर ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्लेट को अपने आप पढ़ लेते हैं।

AI-आधारित इन कैमरों का मकसद राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की पहचान करने में मदद करना है। अधिकारी प्रवेश बिंदुओं को भी मजबूत कर रहे हैं, ताकि नोएडा, गुड़गांव और गाजियाबाद जैसे पड़ोसी इलाकों से दिल्ली में आने वाले गैर-BS6 वाहनों को रोका जा सके।

इस सख्ती को लागू करने के लिए परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों के लगभग 300 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। ये पाबंदियां ऐसे समय में लगाई गई हैं जब दिल्ली सर्दियों के प्रदूषण के मौसम के लिए तैयारी कर रही है, जिस दौरान राजधानी में हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो जाती है। इस प्रतिबंध के दायरे में मुख्य रूप से दिल्ली के बाहर पंजीकृत वे वाहन आते हैं जो BS6 मानकों को पूरा नहीं करते हैं। 

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