पंजाब नितिन : दीपावली के त्योहार से पहले पटाखों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और सरकार द्वारा जारी निर्देशों को सख्ती से लागू करवाने के लिए सुल्तानपुर लोधी का सिविल और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को प्रशासन की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानों की औचक जांच करते हुए पटाखों के भंडारण, बिक्री और लाइसेंस संबंधी नियमों की पड़ताल की। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकना और बिना अनुमति पटाखे जमा करने वालों पर नजर रखना है। जांच के दौरान अवैध भंडारण का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
एस.डी.एम. सुल्तानपुर लोधी जसजीत सिंह ने बताया कि पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को बाजारों में निगरानी रखने और सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल जांच करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि त्योहार के दौरान लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो और पटाखों का कारोबार निर्धारित नियमों के अनुसार ही चले।
प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर सख्त रोक
एस.डी.एम. ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार संयुक्त पटाखों और पटाखों की लड़ियों सहित प्रतिबंधित पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि दुकानदारों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले स्वीकृत ग्रीन पटाखों की ही बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी। इन पटाखों में बेरियम लवण अथवा एंटीमनी, लिथियम, पारा, आर्सेनिक, सीसा और स्ट्रोंटियम क्रोमेट के यौगिक नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास उपलब्ध पटाखे सरकार द्वारा स्वीकृत श्रेणी में आते हों और उनसे संबंधित सभी आवश्यक नियमों का पालन किया गया हो।
ऑनलाइन पटाखों की बिक्री पर भी प्रतिबंध
एस.डी.एम. जसजीत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत अमेजन, फ्लिपकार्ट सहित अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से पंजाब में पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर लेने और उनकी बिक्री करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए व्यापारियों के साथ-साथ ऑनलाइन बिक्री से जुड़े प्लेटफॉर्मों को भी सरकारी नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नियमों से बचकर पटाखों की बिक्री करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन द्वारा बाजारों में की जा रही जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी दुकानदार प्रतिबंधित पटाखे बेचने या बिना अनुमति उनका भंडारण करने में शामिल न हो।
बिना लाइसेंस पटाखे बेचने की अनुमति नहीं
एस.डी.एम. ने स्पष्ट किया कि जिले में केवल वैध लाइसेंसधारी व्यापारियों को ही निर्धारित स्थानों पर स्वीकृत ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति होगी। बिना लाइसेंस पटाखे बेचने वालों को किसी भी सूरत में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लाइसेंस होने के बावजूद व्यापारी निर्धारित नियमों से बाहर जाकर पटाखों का भंडारण, प्रदर्शन या बिक्री नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि पटाखों की आवाज के लिए निर्धारित डेसीबल सीमा का पालन करना भी अनिवार्य है। निर्धारित सीमा से अधिक आवाज पैदा करने वाले पटाखों के भंडारण और बिक्री की अनुमति नहीं होगी। इसलिए दुकानदारों को किसी भी प्रकार का सामान रखने या बेचने से पहले सरकारी निर्देशों की पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
जांच अभियान रहेगा जारी
एस.डी.एम. जसजीत सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा आने वाले दिनों में भी बाजारों और पटाखों की बिक्री वाले स्थानों पर निगरानी जारी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी निर्देशों का पालन करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे कानूनी नियमों के अनुसार ही पटाखों का कारोबार करें और प्रतिबंधित सामान के भंडारण या बिक्री से पूरी तरह परहेज करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान अवैध भंडारण का कोई मामला सामने नहीं आने के बावजूद निगरानी में कोई ढील नहीं दी जाएगी, ताकि त्योहारों के मौसम में नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके।






