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खुलासा! पंजाब में आतंकी हमलों की साजिश! ISI कर रही गैंगस्टरों का इस्तेमाल

On: August 27, 2026 4:16 AM
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पंजाब लुधियाना, (नितिन): मलेशिया से हाल ही में डिपोर्ट कर भारत लाए गए तीन संदिग्धों से पुलिस व खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में सीमा पार से संचालित नार्को-टेरर नेटवर्क को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में आतंकी वारदातों और विस्फोटों को अंजाम देने के लिए स्थानीय गैंगस्टरों और जेलों में बंद शातिर कैदियों का इस्तेमाल कर रही है। पकड़े गए संदिग्ध लुधियाना की सब्जी मंडी के पास चीनी निर्मित ग्रेनेड से किए जाने वाले नाकाम हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल थे।

मलेशिया में बैठे ‘अली’ के जरिए ISI का खेल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिपोर्ट किए गए आरोपियों—अजय मलेशिया, जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल और पवनदीप सिंह से हुई गहन पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परतें खुली हैं। पाकिस्तान में बैठा एक आतंकी ऑपरेटर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। वह मलेशिया में रह रहे ‘अली’ नाम के व्यक्ति के जरिए दिशा-निर्देश दे रहा था। मलेशिया में रहने के दौरान जस बेहबल की मुलाकात अली से हुई, जो सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था। अली के जरिए ही जस और उसके साथी आईएसआई हैंडलरों से जुड़े। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अजय मलेशिया पहले से ही खालिस्तानी कट्टरपंथियों और विदेशी हैंडलरों के संपर्क में था।

जेलों से चल रहा था नेटवर्क, 6 कैदियों समेत 10 पहले ही गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, इस पूरी आतंकी साजिश के तार पंजाब और राजस्थान की जेलों से जुड़े हुए थे। इस मामले में पुलिस 10 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें श्री मुक्तसर साहिब, श्री गंगानगर और फरीदकोट की जेलों में बंद 6 कैदी शामिल हैं। राजस्थान के गंगानगर निवासी अजय और फरीदकोट निवासी जस बेहबल ने जेल में बंद अपने संपर्कों के जरिए ग्राउंड लेवल पर नए लड़कों को साजिश में शामिल किया।

अमृतसर से लुधियाना पहुंचे थे ग्रेनेड:

इससे पहले लुधियाना के शिवपुरी चौक के पास गश्त के दौरान पुलिस ने कुलदीप नामक युवक को ग्रेनेड से भरे बैग सहित दबोचा था, जबकि उसका साथी शेखर फरार हो गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि मुक्तसर जेल में बंद कैदियों के निर्देश पर ही वे अमृतसर से यह विस्फोटक लाकर लुधियाना में ब्लास्ट करने पहुंचे थे। जांच अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित ग्रेनेड हमला सीमा पार बैठे हैंडलरों के साथ तय सौदे के तहत किया जाना था। अजय मलेशिया पहले से ही पाकिस्तानी हैंडलरों के लिए ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी का सामान रिसीव कर रहा था।इसके बदले में पाकिस्तानी आकाओं ने उसे और उसके साथियों को तस्करी के सुरक्षित रूट और वित्तीय मदद देने का वादा किया था, जिसके एवज में उन्हें लुधियाना में ग्रेनेड ब्लास्ट कर दहशत फैलानी थी।

ड्रग सिंडिकेट और ड्रोन डिलीवरी पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान की आईएसआई पंजाब में शांति भंग करने के लिए ‘नार्को-टेरर’ मॉडल के तहत ड्रग सिंडिकेट और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क का गठजोड़ बना रही है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में गिराए जाते हैं और फिर जेलों में बैठे गैंगस्टर अपने गुर्गों के जरिए इन्हें विभिन्न शहरों में पहुंचाते हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल्स और मददगारों की तलाश में जुटी हुई है।

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